डागोना वॉटर फाल/बूढ़ी मां महाशिवरात्रि पर मेला क्यों खास है
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| डागोना मेला/Dagona mela |
डागोना वॉटर फाल जहां हर साल महाशिवरात्रि पर बहुत ही बड़ा मेला लगता है और ये जंगलों के बीच छुपा है ये वॉटर फाल ,बूढ़ी मां के नाम से जाना जाता है नदी नाम , यहां चारों तरफ आदिवासी ट्राइबल लोग रहते हैं जैसे बैगा जनजाति ओर गोंड आदि और में आपका दोस्त वनांचल मवई ब्लॉग्स मंडला डिंडोरी बालाघाट जबलपुर और बाहर की चीजों को भी मेरे ब्लॉग के ओर वीडियो के माध्यम से बताता हूं,
डागोना वॉटरफॉल: प्रकृति की गोद में छिपा अद्भुत जलप्रपात
डागोना वॉटरफॉल, प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक आस्था का संगम है। यह खूबसूरत जलप्रपात घने जंगलों के बीच स्थित है और महाशिवरात्रि के अवसर पर हर साल भव्य मेले का आयोजन किया जाता है।
डागोना वॉटरफॉल की भौगोलिक स्थिति
डागोना वॉटरफॉल मध्य प्रदेश के जंगलों में बुडनैयर नदी (जिसे बूढ़ी मां भी कहा जाता है) पर स्थित है। यह इलाका चारों तरफ से हरियाली से घिरा हुआ है और यहां का शांत वातावरण पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है।
महाशिवरात्रि का विशेष मेला
महाशिवरात्रि के अवसर पर डागोना वॉटरफॉल पर एक विशाल मेला आयोजित किया जाता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु और पर्यटक हिस्सा लेते हैं। इस मेले में दूर-दूर से लोग भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने और इस मनोरम जलप्रपात का आनंद लेने आते हैं।
आदिवासी संस्कृति और परंपराएं
डागोना वॉटरफॉल के आसपास बैगा और गोंड जैसी प्रमुख आदिवासी जनजातिया रहती हैं। ये जनजाति अपने विशिष्ट रीति-रिवाजों, पारंपरिक नृत्य, संगीत और लोककथाओं के लिए प्रसिद्ध हैं। इनका जीवन प्रकृति से गहराई से जुड़ा हुआ है, और यह क्षेत्र उनकी अनूठी संस्कृति की झलक प्रस्तुत करता है।
यहां घूमने के मुख्य आकर्षण
1. डागोना वॉटरफॉल – जल की गिरती धाराओं की अद्भुत छटा और आसपास की प्राकृतिक सुंदरता।
2. बुडनैयर नदी – जिसे स्थानीय लोग 'बूढ़ी मां' कहते हैं, इसका धार्मिक महत्व भी है।
3. आदिवासी बाजार – जहां आदिवासी हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पाद देखने और खरीदने को मिलते हैं।
4. जंगल सफारी और ट्रैकिंग – रोमांच प्रेमियों के लिए यह स्थान एक बेहतरीन ट्रैकिंग डेस्टिनेशन भी है।
कैसे पहुंचे?
डागोना वॉटरफॉल तक पहुंचने के लिए नजदीकी प्रमुख शहरों जैसे मंडला, डिंडोरी, बालाघाट और जबलपुर से सड़क मार्ग द्वारा यात्रा की जा सकती है। यहाँ तक पहुँचने के लिए निजी वाहन, टैक्सी या लोकल बस सेवाओं का उपयोग किया जा सकता है।
डागोना वॉटरफॉल घूमने का सही समय
वैसे तो यह स्थान पूरे साल सुंदर रहता है, लेकिन बारिश के मौसम में यहा का नजारा और भी मोहक हो जाता है। महाशिवरात्रि का समय इस जलप्रपात की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता के कारण यहा आने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।
निष्कर्ष
डागोना वॉटरफॉल सिर्फ एक प्राकृतिक जलप्रपात ही नहीं, बल्कि यह प्रकृति, आस्था और संस्कृति का संगम है। यह स्थान न केवल पर्यटकों को आकर्षित करता है, बल्कि शोधकर्ताओं और प्रकृति प्रेमियों के लिए भी एक आदर्श स्थल है। यदि आप प्रकृति की गोद में रहकर एक अनोखा अनुभव लेना चाहते हैं, तो डागोना वॉटरफॉल की यात्रा जरूर करें।

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